NEET UG 2026: पेपर लीक विवाद के कारण अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को होगी।
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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के 10वीं और 12वीं के नतीजे हुए घोषित - श्री विश्व विजय सिंह तोमर (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग) का राज्य के युवाओं को विशेष बधाई संदेश।
छत्तीसगढ़ में जनजातीय शक्ति का खेल महाकुंभ: देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ
छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष श्री दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता सुश्री साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्य सचिव श्री विकासशील सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
* 30 राज्यों के 3700+ खिलाड़ी 7 खेल विधाओं में करेंगे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन।
* 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में सजेगा खेलों का महाकुंभ।
| शहर | स्थान (Venue) | खेल |
| रायपुर | संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण परिसर | तीरंदाजी |
| फुटबॉल मैदान, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय | फुटबॉल | |
| नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी | फुटबॉल | |
| सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम | हॉकी | |
| अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल | तैराकी | |
| हॉल, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय | भारोत्तोलन (Weightlifting) | |
| जगदलपुर | क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा | एथलेटिक्स |
| सरगुजा | गांधी स्टेडियम | कुश्ती |
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 को पारित किया दिया। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में आयोजित होने वाली भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित राज्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए यह आवश्यक है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करना और योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र लीक, फर्जी अभ्यर्थियों की भागीदारी तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल जैसी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में तीन से दस वर्ष तक की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि संगठित अपराध के मामलों में एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ संपत्ति जब्ती का भी प्रावधान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी नकल या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसका परीक्षा परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों, आईटी सेवा प्रदाताओं और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधकों को भी जवाबदेह बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कानून के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसियों को भी जांच सौंप सकेगी।
उन्होंने बताया कि यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापमं तथा विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों और मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। इसके माध्यम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, अनुचित हस्तक्षेप को रोकने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सख्त प्रावधानों से परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए कर्मचारी चयन मंडल का गठन
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को पारित किया गया। इस कानून के माध्यम से राज्य में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की स्थापना की जाएगी।
विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित भर्ती प्रणाली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और विश्वसनीय बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न विभागों में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और इसे अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत भर्ती परीक्षाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल के गठन के बाद राज्य में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों के लिए नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिससे अभ्यर्थियों को समयबद्ध तैयारी में सुविधा होगी। साथ ही, सभी प्रमुख परीक्षाओं को निर्धारित समय सीमा में संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग समय पर भर्तियां निकालने से अभ्यर्थियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समान योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग आवेदन और चयन प्रक्रियाओं के कारण समय, संसाधन और प्रयास की अधिक आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होगा और प्रक्रिया अधिक सरल व सुव्यवस्थित बनेगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल विभिन्न विभागों, वैधानिक निकायों, मंडलों, प्राधिकरणों एवं अन्य संस्थानों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा। साथ ही, आवश्यकता अनुसार संयुक्त चयन परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान भी रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को एक समान चयन प्रणाली के आधार पर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा प्रबंधन में भी दक्षता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
मंडल में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे। मंडल को यह अधिकार होगा कि वह चयन प्रक्रिया के संचालन के लिए आवश्यकतानुसार एजेंसियों की सेवाएं ले सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसेमंद बनेगी तथा योग्य अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक सुदृढ़ और प्रभावी भर्ती प्रणाली स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।
हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व का सबसे बड़ा ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा- 19 से 22 फरवरी 2026 प्रतिदिन सायं 06:00 बजे से साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर छ.ग.
हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व का सबसे बड़ा ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा- 13 से 15 फरवरी 2026 प्रतिदिन सायं 06:00 बजे से पुलिस ग्राउंड, बिलासपुर


*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर बस्तर,07 अप्रैल 2025*
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय तोमर के मुख्य आतिथ्य में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन आज टाउन हॉल जगदलपुर में आयोजित किया गया, युवा से संवाद कार्यक्रम में स्कूल एवं महाविद्यालय के एनएसएस कैडेट एवं नर्सिंग कॉलेज के युवाओं ने भाग लिया, युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव, पार्षद MIC सदस्य संग्राम सिंह राणा ने युवाओं को संबोधित किया,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए भारत सरकार एवं राज्य सरकार की युवाओं के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी युवाओं को दी और उनसे अपेक्षा की इसमें बस्तर क्षेत्र के अनुसार जो बदलाव या सुझाव युवाओं के द्वारा दिए जाएंगे उनको युवा नीति में समाहित कर,राज्य की एक सशक्त युवा नीति तैयार की जाएगी। युवा आयोग द्वारा युवाओं को अपने विचार रखने के लिए पंपलेट वितरित किए गए, जिसमें युवाओं ने,”युवा संवाद कार्यक्रम” के तहत अपने विचार छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग को लिखित में दिए।
युवा संवाद के संक्षिप्त कार्यक्रम में सहायक संचालक खेल युवा कल्याण विभाग राजेंद्र डेकाटे,एनएसएस के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर नीता बाजपेई बस्तर के एनएसएस प्रभारी पटेल नेहरू युवा केंद्र की युवा समन्वयक में अंजलि, शिक्षा विभाग के जिला क्रीड़ा अधिकारी वेद प्रकाश सोनी, चंद्रमोहन वर्मा,श्रवण साहू, कोटेश्वर नायडू,दंतेश्वरी कॉलेज की एनएसएस प्रभारी प्रिंसी दुग्गा, क्रीड़ा अधिकारी लिलेश देवांगन,आदि उपस्थित थे।
https://chhattisgarhaajtak.in/youth-dialogue-program-organized-in-town-hall/